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ईरान पर अमेरिका ने फिर किया जोरदार हमला, मार गिराए 4 ड्रोन, 5वें को लॉन्च ही नहीं होने दिया

 Published : May 28, 2026 07:09 am IST,  Updated : May 28, 2026 12:10 pm IST

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ फिर रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए 4 ड्रोन मार गिराए और 5वें ड्रोन के लॉन्च ठिकाने पर हमला कर दिया। इन हमलों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान कमजोर स्थिति में बातचीत कर रहा है।

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अमेरिका ने ईरान पर फिर बड़ा हमला किया है। Image Source : AP

वॉशिंगटन: अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर एक बार फिर हमला किया है और इसे रक्षात्मक कार्रवाई का नाम दिया है। इस हफ्ते यह दूसरी बार है जब अमेरिकी सेना ने ईरान पर ऐसी कार्रवाई की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम तब उठाया गया जब ईरानी सेना की ओर से आक्रामक गतिविधियां देखी गईं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 4 ड्रोन मार गिराए और एक ऐसे सैन्य ठिकाने पर हमला किया, जहां से पांचवां ड्रोन लॉन्च किए जाने की तैयारी हो रही थी। अधिकारियों के मुताबिक इन ड्रोन से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खतरा था।

'दोनों देशों के बीच समझौता जल्द हो सकता है'

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब 'कमजोर स्थिति में बातचीत' कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव उनकी ईरान नीति को प्रभावित नहीं करेंगे और वह किसी जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे। कैबिनेट बैठक की शुरुआत में ट्रंप ने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच समझौता जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते के अंत में उनकी सरकार और तेहरान के बीच समझौते को लेकर काफी प्रगति हुई थी, हालांकि बातचीत अभी पूरी तरह अंतिम रूप में नहीं पहुंची है।

कुवैत पर भी मिसाइल और ड्रोन से हुआ हमला

कुवैत ने गुरुवार को दावा किया कि उस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया है। कुवैती सेना ने हमले की पुष्टि की, हालांकि यह नहीं बताया कि किन इलाकों को निशाना बनाया गया। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे ईरान युद्ध के दौरान लागू युद्धविराम पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले ईरान समर्थित शिया सशस्त्र गुट कई बार कुवैत पर हमले कर चुके हैं। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने भी युद्धविराम के बावजूद ईरान पर हमले करने की बात कही है। दोनों पक्षों के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है।

प्रस्तावित समझौते को लेकर कई सवाल बाकी

ट्रंप ऐसे समझौते की कोशिश में हैं जिससे 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' फिर से सामान्य रूप से खुल सके और वह यह दावा कर सकें कि ईरान की परमाणु क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है। इससे लगभग 3 महीने पुरानी जंग को खत्म करने का रास्ता बन सकता है। हालांकि प्रस्तावित समझौते को लेकर कई सवाल अभी बाकी हैं। कई अहम मुद्दों को बाद के लिए टाल दिया गया है। इसी वजह से ट्रंप को अपने कुछ समर्थकों और रिपब्लिकन नेताओं की आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है।

रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ जनता में नाराजगी बढ़ी

आलोचकों का कहना है कि ईरान के कट्टरपंथी नेता इस लड़ाई से कमजोर जरूर होंगे, लेकिन भविष्य में और ज्यादा आक्रामक बन सकते हैं। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका में कांग्रेस के नियंत्रण को तय करने वाले मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं। रिपब्लिकन नेताओं को चिंता है कि बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों से जनता में नाराजगी बढ़ रही है। हालांकि ट्रंप ने चुनावी असर की बात को खारिज करते हुए कहा, 'वे सोच रहे थे कि मध्यावधि चुनाव तक मामला टाल देंगे, लेकिन मुझे चुनावों की परवाह नहीं है।'

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